भारत में रोजगार और महंगाई की चुनौतियाँ बनी हुई हैं, लेकिन राजनीतिक दलों द्वारा जाति आधारित मुद्दों को प्रमुखता देने से विकास एजेंडे पर ध्यान कम हो रहा है। भारत का भविष्य दांव पर? असली मुद्दों से भटकती राजनीति का गहन विश्लेषण प्रस्तावना: सवाल जो हमें खुद से पूछना होगा क्या भारत का भविष्य सच में दांव पर है? क्या हमारी राजनीति विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे असली मुद्दों से भटक चुकी है? या यह केवल एक धारणा है जिसे सोशल मीडिया और टीवी डिबेट्स ने मजबूत कर दिया है? आज जब भारत 21वीं सदी में खुद को विश्व शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है, तब यह प्रश्न और भी प्रासंगिक हो जाता है। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है। की रिपोर्टों के अनुसार, आने वाले दशकों में भारत की जनसंख्या और कार्यबल वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे। लेकिन अगर राजनीति का केंद्र असली मुद्दों से हट जाए, तो क्या यह जनसांख्यिकीय लाभ (Demographic Dividend) एक बोझ में बदल सकता है? इस विस्तृत लेख में हम इन्हीं सवालों का संतुलित, तथ्यों पर आधारित और गहन विश्लेषण करेंगे। भाग 1: ...