UPSC परीक्षा के संदर्भ में मध्यवर्ती तकनीक GS पेपर 3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) और GS पेपर 2 (शासन, सामाजिक न्याय) में प्रासंगिक है। यह सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), विशेष रूप से SDG 7 (किफायती ऊर्जा), SDG 8 (सभ्य कार्य और आर्थिक विकास) और SDG 9 (उद्योग, नवाचार और आधारभूत संरचना) से जुड़ी है। मध्यवर्ती तकनीक: अर्थ, प्रकृति, आवश्यकता और महत्व परिचय (Introduction) जब विकासशास्त्र (Development Economics) की बात आती है तो एक शब्द बार-बार सुना जाता है— "मध्यवर्ती तकनीक" (Intermediate Technology). यह उन देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवधारणा है जहाँ मज़दूरी की अधिकता है, पूँजी की कमी है और उद्योगीकरण अभी विकास के मार्ग पर है—जैसे भारत, नेपाल, बांग्लादेश, अफ्रीका के कई देश आदि। अक्सर लोग पूछते हैं— क्या कम पूंजी में आधुनिक तकनीक का विकल्प संभव है? क्या ऐसी तकनीक हो सकती है जो न तो बहुत महंगी हो और न ही बहुत आदिम? क्या ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उभारने के लिए कोई संतुलित तकनीक उपलब्ध है? इंफोग्राफिक 1: मध्यवर्ती तकनीक क्या है? ┌──────────────────────────...