आईबीपीएस क्लर्क परीक्षा की तैयारी के टिप्स:अध्ययन योजनाएँ और बहुत कुछ., 12th ke baad ibps ki taiyari kaise kare
IBPS क्लर्क परीक्षा की तैयारी के लिए सिलेबस, पैटर्न और रणनीति समझना जरूरी है। प्रीलिम्स और मेन्स दोनों के लिए संतुलित अध्ययन योजना बनाएं।
IBPS क्लर्क परीक्षा 2026 की तैयारी के टिप्स: अध्ययन योजनाएँ और बहुत कुछ
आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर परीक्षा भारत में एक महत्वपूर्ण बैंकिंग भर्ती परीक्षा है। इसका आयोजन आईबीपीएस (इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन), मुंबई द्वारा किया जाता है। हर साल लाखों लोग इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सीटें सीमित हैं। इसलिए, आपको स्मार्ट वर्क, नियमित अभ्यास और पूर्ण एकाग्रता की आवश्यकता है।
2026 के लिए IBPS क्लर्कियल कैडर परीक्षा भी चुनौतीपूर्ण होने की उम्मीद है। प्रश्नपत्र का स्वरूप बदल सकता है, प्रश्न पेचीदा हो सकते हैं। इसलिए नवीनतम जानकारी से अवगत रहना बहुत महत्वपूर्ण है।
चिंता मत करो! यह गाइड आपके लिए ही है। यह आपको बताएगी:
- आसानी से कैसे तैयार करें
- और क्या पढ़ना चाहिए?
- जहां छात्र गलतियां करते हैं
- समय बचाने के टिप्स और स्मार्ट ट्रिक्स
आप चाहे गांव में रहते हों, छोटे कस्बे में हों या बड़े शहर में, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, आप यह परीक्षा पास कर सकते हैं। इसके लिए आपको सही योजना, दृढ़ इच्छाशक्ति और कभी हार न मानने वाला रवैया चाहिए।
आइए, पूरे उत्साह और सरल चरणों के साथ अपने बैंक में नौकरी पाने के सपने की ओर यात्रा शुरू करें!
आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर परीक्षा क्या है?
आईबीपीएस 11 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ग्राहक सेवा सहयोगी (कस्टमर सर्विस एसोसिएट्स) की भर्ती के लिए प्रतिवर्ष क्लर्क (सीआरपी-सीएसए) परीक्षा आयोजित करता है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए, आईबीपीएस 15वां संस्करण, सीआरपी सीएसए-XV आयोजित करेगा। 31 जुलाई 2025 को जारी आधिकारिक अधिसूचना में सभी महत्वपूर्ण विवरण और मुख्य परीक्षा पैटर्न में मामूली बदलाव शामिल हैं। यह परीक्षा उन नए उम्मीदवारों और प्रवेश स्तर के उम्मीदवारों के लिए एक शानदार अवसर है जो बैंकिंग क्षेत्र में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं।
आईबीपीएस भर्ती परीक्षा केवल दो चरणों में आयोजित की जाती है:
प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स)
– यह पहला स्तर है। यह अंग्रेजी, गणित (मात्रात्मक योग्यता) और तर्क जैसे बुनियादी विषयों पर आधारित एक ऑनलाइन परीक्षा है।
– यदि आप यह चरण उत्तीर्ण कर लेते हैं, तो आप अगले चरण में पहुँच जाते हैं।मुख्य परीक्षा (मेन्स)
– यह अंतिम लिखित परीक्षा है। इसमें बैंकिंग जागरूकता, कंप्यूटर ज्ञान, सामान्य अंग्रेजी, तर्कशक्ति और गणित जैसे विषय शामिल हैं।
– इस परीक्षा के अंक ही आपके अंतिम चयन का निर्धारण करते हैं।कोई साक्षात्कार दौर नहीं:
एक बड़ा लाभ यह है कि आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर परीक्षा में कोई साक्षात्कार नहीं होता है । आपका अंतिम चयन केवल मुख्य परीक्षा में आपके अंकों पर निर्भर करता है। इससे गैर-अंग्रेजी भाषी या ग्रामीण स्नातकों के लिए निष्पक्ष रूप से प्रतिस्पर्धा करना आसान हो जाता है - साक्षात्कार की कोई आवश्यकता नहीं है।आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर 2025-26 प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा का पैटर्न [अंकन योजना सहित]
1. प्रारंभिक परीक्षा का पैटर्न (प्रारंभिक परीक्षा)
यह आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर परीक्षा का पहला चरण है। यह एक स्क्रीनिंग टेस्ट है – इसे पास करने वाले ही मुख्य परीक्षा में बैठ सकते हैं।
विषय एवं अंकों का वितरण:
विषय प्रश्नों की संख्या कुल मार्क आवंटित समय अंग्रेजी भाषा 30 प्रश्न 30 अंक कुल 60 मिनट संख्यात्मक क्षमता 35 प्रश्न 35 अंक तर्क क्षमता 35 प्रश्न 35 अंक - कुल प्रश्न: 100
- कुल अंक: 100
- समय सीमा: सभी अनुभागों के लिए मिलाकर 60 मिनट (1 घंटा)
प्रत्येक अनुभाग की अपनी समय सीमा है (प्रत्येक अनुभाग के लिए 20 मिनट)।
महत्वपूर्ण नोट्स:
यह परीक्षा ऑनलाइन (कंप्यूटर आधारित) है।
- नकारात्मक अंकन: प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक काटे जाएंगे।
- प्रत्येक सेक्शन के लिए कटऑफ अलग-अलग है, इसलिए आपको तीनों विषयों में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
2. मुख्य परीक्षा का पैटर्न (मुख्य परीक्षा)
यह आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर भर्ती का अंतिम चरण है। इस परीक्षा के स्कोर के आधार पर ही आपका चयन होगा। इसलिए इसे गंभीरता से लेना महत्वपूर्ण है।
विषय एवं अंकों का वितरण:
विषय प्रश्नों की संख्या कुल मार्क आवंटित समय सामान्य/वित्तीय जागरूकता 50 प्रश्न 50 अंक 35 मिनट सामान्य अंग्रेजी 40 प्रश्न 40 अंक 35 मिनट तर्क क्षमता और कंप्यूटर योग्यता 50 प्रश्न 60 अंक 45 मिनट मात्रात्मक योग्यता (गणित) 50 प्रश्न 50 अंक 45 मिनट - कुल प्रश्न: 190
- कुल अंक: 200
- कुल अवधि: 160 मिनट (2 घंटे 40 मिनट)
महत्वपूर्ण नोट्स:
परीक्षा ऑनलाइन होगी।
सेक्शनल टाइमिंग का मतलब है कि प्रत्येक विषय के लिए एक निश्चित समय निर्धारित है। आप सेक्शन के बीच स्वतंत्र रूप से स्विच नहीं कर सकते।
- यहां नकारात्मक अंकन भी लागू होता है (प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक)।
- मुख्य परीक्षा के बाद कोई साक्षात्कार नहीं होगा। आपका अंतिम चयन केवल इस परीक्षा के अंकों के आधार पर होगा।
आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर तैयारी रणनीति 2025-26: चरण-दर-चरण शुरुआत कैसे करें
चरण 1: परीक्षा के पाठ्यक्रम से विस्तारपूर्वक परिचित हों
इस परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले, सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है संपूर्ण पाठ्यक्रम को स्पष्ट रूप से समझना। कुछ विषय दोनों चरणों में शामिल हैं, जबकि कुछ केवल मुख्य परीक्षा में ही शामिल हैं।
यहां उन विषयों और महत्वपूर्ण मुद्दों का संक्षिप्त सारांश दिया गया है जिन पर आपको ध्यान केंद्रित करना चाहिए:
1. मात्रात्मक योग्यता (गणित अनुभाग)
यह खंड आपकी संख्यात्मक क्षमताओं का परीक्षण करने, गणितीय समस्याओं को हल करने और व्यावहारिक स्थितियों में गणनाओं का उपयोग करने के लिए बनाया गया है। यह प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं में शामिल होता है।
मुख्य विषय:
- सरलीकरण और अनुमान: गति गणना और निकटतम परिणाम निर्धारित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- संख्या श्रृंखला: संख्याओं की श्रृंखला में एक पैटर्न की पहचान करना।
- डेटा व्याख्या (डीआई): चार्ट, ग्राफ और तालिकाओं में दिए गए डेटा की गणना और विश्लेषण।
- अंकगणित: इसमें प्रतिशत, लाभ और हानि, साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज, समय और कार्य, समय और दूरी, औसत, अनुपात, आयु पर आधारित प्रश्न और साझेदारी जैसे विभिन्न मूलभूत सिद्धांत शामिल हैं।
गणित के मूलभूत सिद्धांतों में मजबूत आधार बनाना और गति एवं सटीकता प्राप्त करना अभ्यास और दोहराव के माध्यम से ही संभव है।
2. तर्क क्षमता
यह खंड स्थितियों, संबंधों और व्यवस्थाओं के आधार पर आपकी समस्या-समाधान कौशल और तार्किक तर्क क्षमता का परीक्षण करता है। यह प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं में शामिल है।
मुख्य विषय:
- पहेलियाँ और बैठने की व्यवस्था: ऐसे प्रश्न जिनमें आपको दी गई शर्तों के अनुसार व्यक्तियों या वस्तुओं को रखना होता है।
- रक्त संबंध: पारिवारिक संबंधों और रिश्तों से संबंधित प्रश्न।
- कोडिंग-डिकोडिंग: शब्दों या संख्याओं को परिवर्तित करने के पीछे के तर्क को समझना।
- दिशा बोध, क्रम और श्रेणी निर्धारण, न्यायशास्त्र: इसमें तर्क से संबंधित प्रश्नों का एक संयोजन शामिल है जो स्थिति, गति और तर्क पैटर्न के बारे में आपके ज्ञान का आकलन करता है।
इस भाग में तेजी और आत्मविश्वास हासिल करने के लिए अभ्यास आवश्यक है।
3. अंग्रेजी भाषा
अंग्रेजी भाषा अनुभाग अंग्रेजी व्याकरण, शब्दावली और पठन बोध के आपके ज्ञान का मूल्यांकन करता है। यह दोनों चरणों में होता है, लेकिन मुख्य परीक्षा थोड़ी अधिक कठिन होती है।
महत्वपूर्ण विषय:
- पठन बोध: एक अनुच्छेद को पढ़ना और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देना।
- क्लोज़ टेस्ट: एक पैराग्राफ जिसमें खाली स्थान दिए गए हैं, आपको प्रत्येक खाली स्थान में उपयुक्त शब्द भरना है।
- त्रुटि पहचान और वाक्य सुधार: वाक्यों में व्याकरण संबंधी त्रुटियों को पहचानना और उन्हें सुधारना।
- वाक्य पुनर्व्यवस्थापन: अव्यवस्थित वाक्य जिन्हें एक सुसंगत और जानकारीपूर्ण अनुच्छेद बनाने के लिए पुनर्व्यवस्थित करने की आवश्यकता है।
अच्छी बात यह है कि व्याकरण के नियमों का अभ्यास करना और पढ़ने की आदत को बढ़ाना आपको यहां अच्छा प्रदर्शन करने में मदद कर सकता है।
4. सामान्य ज्ञान (केवल मुख्य परीक्षा के लिए)
यह घटक बैंकिंग, वित्त और भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में वर्तमान घटनाओं के बारे में आपकी जागरूकता की जांच करता है।
मुख्य कैटेगरी:
- समसामयिक घटनाएँ (6 से 8 महीने): राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार, सरकारी योजनाएँ, खेल, पुरस्कार और अन्य महत्वपूर्ण घटनाएँ।
- बैंकिंग जागरूकता: परीक्षाओं में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), बैंकों के प्रकार, बैंकों के कार्य, बैंकिंग संस्थान, डिजिटल बैंकिंग और सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय शब्दावली शामिल होंगी।
- स्थिर सामान्य ज्ञान: इसमें देशों और राजधानियों, मुद्राओं, महत्वपूर्ण दिनों और घटनाओं, भारतीय भूगोल, इतिहास-राजनीति और संस्कृति से संबंधित संक्षिप्त जानकारी शामिल होती है।
इस वर्ग के लिए समाचारों, बैंकिंग संबंधी घटनाक्रमों और मासिक समसामयिक घटनाओं के संक्षिप्त विवरणों को प्रतिदिन पढ़ना अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
5. कंप्यूटर योग्यता (मुख्य परीक्षा का भाग – तर्क क्षमता के साथ संयुक्त)
यह अनुभाग आपके बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान का आकलन करता है, जो आज के डिजिटल बैंकिंग परिवेश में लिपिकीय नौकरी के लिए आवश्यक है।
महत्वपूर्ण विषय:
- कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की मूल बातें: कंप्यूटर के घटकों को समझना और सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के बीच अंतर जानना।
- इंटरनेट और नेटवर्किंग: इंटरनेट कैसे काम करता है, ब्राउज़र और LAN, WAN, IP एड्रेस जैसे शब्दों के बारे में बुनियादी ज्ञान।
- एमएस ऑफिस (वर्ड, एक्सेल, पॉवरपॉइंट): दैनिक कार्यालय कार्य में उपयोग होने वाले बुनियादी उपकरणों से परिचित होना।
- कंप्यूटर सुरक्षा और जागरूकता: वायरस, मैलवेयर, साइबर सुरक्षा और सुरक्षित कंप्यूटिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता।
आपको तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है—बस कंप्यूटर का उपयोग करने में सहजता और बुनियादी शब्दों को समझने की आवश्यकता है।
संक्षिप्त जानकारी: उच्च महत्व वाले और ट्रेंडिंग विषय (पिछले 3 वर्ष)
उच्च भार वाले विषय (जिनके बारे में अक्सर पूछा जाता है / जिनके लिए अधिक अंक मिलते हैं)
मात्रात्मक रूझान:
डेटा व्याख्या (डीआई) – हमेशा उपलब्ध
सरलीकरण/अनुमान – उच्च मात्रा
अंकगणितीय शब्द समस्याएं – बार-बार ध्यान केंद्रित करनातर्क क्षमता:
पहेलियाँ (ज़मीन/बक्सा/रेखीय/वृत्ताकार) – हर प्रश्नपत्र पर
मौजूद होती हैं। बैठने की व्यवस्था – हमेशा मौजूद रहती है।
न्यायशास्त्र और असमानता – अक्सर पूछे जाते हैं।अंग्रेजी भाषा:
क्लोज़ टेस्ट – लगभग हर साल।
रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन – प्रयास करना अनिवार्य है।
त्रुटि पहचान – उच्च अंक प्राप्त करने वाला टेस्ट।सामान्य ज्ञान (मुख्य परीक्षा):
बैंकिंग और वित्तीय समाचार – बहुत बार प्रसारित होने वाली
समसामयिक घटनाएं (पिछले 6 महीने) – इस अनुभाग का अधिकांश भाग।
स्थिर सामान्य ज्ञान – सीमित, लेकिन निश्चित विषयों की पुनरावृत्ति।आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर परीक्षा: उम्मीदवारों द्वारा की जाने वाली प्रमुख गलतियाँ और उनसे बचने के तरीके
1. एक ही प्रश्न पर अटक जाना
समस्या: अगर कोई सवाल बहुत कठिन लगे और आप उसे हल करने की कोशिश करते रहें, तो इससे 5-10 मिनट बर्बाद हो जाते हैं और आप घबरा जाते हैं।
उपाय: किसी भी सवाल पर 60-90 सेकंड से ज्यादा समय न दें। अगर अटक जाएं, तो उसे मार्क करके आगे बढ़ जाएं। समय मिलने पर बाद में वापस आएं।
उपाय: टाइमर लगाकर मॉक टेस्ट का अभ्यास करें। बिना किसी अपराधबोध के आगे बढ़ना सीखें। समय ही सब कुछ है।2. कम गति और सटीकता
समस्या: घर पर प्रश्न हल कर सकते हैं, लेकिन बहुत समय लगता है। परीक्षा में दबाव के कारण गति धीमी हो जाती है। साथ ही, छोटी-मोटी गलतियाँ भी हो जाती हैं।
उपाय: स्टॉपवॉच के साथ अभ्यास करें। देखें कि कितने उत्तर सही हैं और कितने गलत। अंधाधुंध जल्दबाजी न करें।
समाधान: सबसे पहले सही उत्तर देने पर ध्यान दें। गति समय और बार-बार अभ्यास के साथ आती है।3. कमजोर अंग्रेजी – शब्दावली और व्याकरण
समस्या: कठिन शब्द समझ में नहीं आते। व्याकरण उबाऊ या उलझन भरा लगता है। अंग्रेज़ी एक दीवार की तरह लगती है।
उपाय : रोज़ाना संपादकीय पढ़ें, भले ही पूरी तरह समझ में न आए। बस शुरू करें। रोज़ 5-10 नए शब्द सीखें।
समाधान: शब्दावली की एक नोटबुक रखें। हर हफ़्ते दोहराएँ। बोलते या सोचते समय शब्दों का प्रयोग अपने तरीके से करें।4. समान तर्क प्रकारों के बीच भ्रम
समस्या: सभी पहेलियाँ, व्यवस्थाएँ, कोडिंग-डिकोडिंग एक जैसी लगती हैं। समझ नहीं आ रहा कि कौन सा तरीका अपनाएँ। दिमाग उलझ जाता है।
उपाय: विषय के अनुसार अभ्यास करें। एक दिन केवल पहेलियाँ हल करें। अगले दिन केवल बैठने की व्यवस्था करें। अपना ध्यान बाँटें।
समाधान: YouTube पर धीमी गति से चलने वाले स्पष्टीकरण देखें। पैटर्न पहचानना सीखें। एक समय में एक ही स्रोत का उपयोग करें।5. गणित का डर / मानसिक अवरोध
समस्या: गणित डरावना लगता है। आत्मविश्वास तो कब का खो चुका है। इसे टालते रहते हैं।
उपाय: बिल्कुल शुरुआत से शुरू करें। पहाड़े, प्रतिशत, बुनियादी सूत्र सीखें। आधार फिर से मजबूत करें।
सुझाव: दूसरों से अपनी तुलना न करें। भले ही आप कमजोर हों, रोज़ाना 30 मिनट का अभ्यास 2-3 महीनों में आपके स्तर को बदल सकता है।6. कोई स्पष्ट अध्ययन योजना नहीं
समस्या: अनियमित पढ़ाई। एक दिन अंग्रेजी, अगले दिन पहेली, फिर एक दिन का गैप। कोई निश्चित दिशा नहीं।
उपाय: साप्ताहिक योजना बनाएं। तय करें कि किस दिन कौन सा विषय पढ़ना है। प्रतिदिन के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें।
सुझाव: नोटबुक या व्हाइटबोर्ड का उपयोग करें। छोटे-छोटे लक्ष्य लिखें। पूरा होने पर उन्हें काट दें। इससे अच्छा महसूस होता है और पढ़ाई जारी रखने की प्रेरणा मिलती है।7. आसानी से ध्यान भटक जाना
समस्या: फ़ोन, यूट्यूब, व्हाट्सएप, यहाँ तक कि घर का शोर भी बार-बार आपकी पढ़ाई में बाधा डालता है।
उपाय: मोबाइल को साइलेंट मोड पर रखें या कमरे से बाहर रख दें। छोटे-छोटे सत्रों (25-30 मिनट) में पढ़ाई करें। फिर 5 मिनट का ब्रेक लें।
समाधान : सुबह जल्दी या देर रात को पढ़ाई करें जब शांति हो। अपने परिवार को अपने पढ़ाई के निश्चित समय के बारे में बता दें।8. नियमित रूप से पुनरावलोकन न करना
समस्या: एक बार पढ़ो, तीन दिन में भूल जाओ। पुराने विषयों को दोबारा कभी मत दोहराओ।
उपाय: सप्ताह में एक दिन केवल पुनरावलोकन के लिए रखें। सूत्रों, शॉर्टकट और समसामयिक विषयों की एक नोटबुक रखें।
समाधान: प्रत्येक विषय के लिए संक्षिप्त नोट्स बनाएं। उनका बार-बार पुनरावलोकन करें। आपकी याददाश्त अपने आप बेहतर हो जाएगी।9. बहुत सारे स्रोतों पर अत्यधिक निर्भरता
समस्या: 5 यूट्यूब चैनल देखना, 3 किताबें पढ़ना, अलग-अलग ऐप्स पर स्विच करना – अंततः भ्रम पैदा कर देता है।
उपाय: प्रत्येक विषय के लिए एक ही स्रोत का उपयोग करें। अतिरिक्त सामग्री जोड़ने से पहले उसे पूरी तरह से समझ लें।
समाधान: सरल सामग्री को तीन बार करना उन्नत सामग्री को एक बार करने से बेहतर है।10. बीच में ही प्रेरणा खो देना
समस्या: शुरुआत में बहुत ऊर्जा होती है, लेकिन 1-2 महीने बाद ऊब, थकान या निराशा महसूस होने लगती है।
उपाय: खुद को याद दिलाएं कि आप यह क्यों कर रहे हैं—नौकरी की सुरक्षा, सम्मान, स्थिर भविष्य।
समाधान: सफल उम्मीदवारों की कहानियाँ पढ़ें। उम्मीदवारों के समूहों से जुड़े रहें (लेकिन सोशल मीडिया का ज़्यादा इस्तेमाल न करें)। हर दिन खुद को प्रेरित करते रहें।
आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर 2025-26 के लिए 12 सप्ताह की अध्ययन योजना [प्रारंभिक परीक्षा + मुख्य परीक्षा]सप्ताह 1-4: नींव निर्माण
- प्रतिदिन 2 विषयों का अध्ययन करें (1 मजबूत + 1 कमजोर)
- प्रतिदिन विषयवार प्रश्नोत्तरी का अभ्यास करें
- बैंकिंग संबंधी जानकारी और समसामयिक मामलों के बारे में पढ़ें।
सप्ताह 5-8: अनुभागीय सुदृढ़ीकरण
- कमजोर विषयों पर ध्यान केंद्रित करें और अधिक बार दोहराएं।
- अनुभागीय परीक्षाओं का प्रयास करें (प्रत्येक परीक्षा 30 मिनट की होगी)
- मॉक टेस्ट में हुई गलतियों का विश्लेषण करें
सप्ताह 9-12: पूर्ण लंबाई के मॉक टेस्ट और पुनरावलोकन
- प्रति सप्ताह 2-3 पूर्ण मॉक परीक्षाएं दें।
- समय प्रबंधन में सुधार पर ध्यान केंद्रित करें
- दैनिक सामान्य ज्ञान + साप्ताहिक पुनरीक्षण नोट्स
प्रभावी पुनरावलोकन रणनीति- पुनरावलोकन के लिए प्रति सप्ताह एक दिन: कोई नए विषय नहीं।
- संक्षिप्त नोट्स: सूत्र, व्याकरण के नियम और सामान्य ज्ञान को बनाए रखें।
- मॉक टेस्ट विश्लेषण: प्रत्येक मॉक टेस्ट के बाद 1 घंटा प्रत्येक प्रश्न का मूल्यांकन करने में व्यतीत करें।
मॉक टेस्ट समीक्षा – सरल ढांचाहर मॉक टेस्ट के बाद जांच करें:
क्या गलत हुआ?कोई छोटी-मोटी गलती? कोई अवधारणा समझ नहीं आई? समय का सही प्रबंधन नहीं?
लिख लीजिए:प्रश्न + क्या गलती हुई + क्या सुधार करना है
इसे टैग करें:उच्च प्राथमिकता पुनरावलोकन (बार-बार होने वाली गलतियाँ और बार-बार होने वाली गलतियाँ)
सूत्र पुनरावलोकन (गणित से संबंधित प्रश्न)
शब्दावली सुधार (अंग्रेज़ी में छूटे हुए शब्दों का अर्थ)हर मॉक टेस्ट के बाद इसे दोहराएं। आपकी कमजोरियां धीरे-धीरे कम होने लगेंगी।
आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर परीक्षा के लिए विषयवार पुस्तकेंअनुभाग अनुशंसित पुस्तकें मात्रात्मक रूझान आरएस अग्रवाल, अरुण शर्मा, राजेश वर्मा द्वारा लिखित फास्ट ट्रैक तर्क क्षमता एमके पांडे, आरएस अग्रवाल अंग्रेजी भाषा रेन एंड मार्टिन, एसपी बख्शी, वर्ड पावर मेड इजी सामान्य जागरूकता ल्यूसेंट जीके, बैंकिंग सर्विसेज क्रॉनिकल, अफेयर्सक्लाउड कंप्यूटर ज्ञान आर पिल्ला द्वारा लिखित अरिहंत कंप्यूटर नॉलेज, ऑब्जेक्टिव कंप्यूटर ऑनलाइन संसाधन और ऐप्स
- Oliveboard, Testbook, Careerera, Gradeup, Adda247 – पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों, नमूना प्रश्नों और मॉक परीक्षाओं के लिए
- अफेयर्सक्लाउड और बैंकर्सअड्डा – दैनिक सामान्य ज्ञान अपडेट
- यूट्यूब चैनल: StudyIQ, WiFiStudy, Mahendras – मुफ्त व्याख्यान
परीक्षा देने की तैयारी: परीक्षा के दिन के लिए कुछ सुझाव
- अगर कोई एक हिस्सा खराब हो जाए तो घबराएं नहीं। उन चीजों पर ध्यान दें जिन्हें आप नियंत्रित कर सकते हैं।
- “समीक्षा के लिए चिह्नित करें” विकल्प का समझदारी से उपयोग करें। इसे अनदेखा न करें, चिह्नित करें और बाद में दोबारा देखें।
- अपने सबसे मजबूत हिस्से से शुरुआत करें। इससे शुरुआत में ही आत्मविश्वास बढ़ता है।
आईबीपीएस क्लर्कियल कैडर के लिए परीक्षा के दिन की रणनीति
- प्रारंभिक परीक्षा: प्रत्येक अनुभाग पर लगभग 20 मिनट खर्च करें; इससे अधिक समय न लें।
- मुख्य परीक्षा: तर्क और मात्रात्मक प्रश्नों के लिए लगभग 35-40 मिनट और अंग्रेजी/सामान्य ज्ञान के लिए 20-25 मिनट आवंटित करें।
स्मार्ट वर्क बनाम हार्ड वर्क: कौन सा ज्यादा मायने रखता है?
- स्मार्ट वर्क: पिछले साल के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करें, रुझानों पर ध्यान केंद्रित करें
- मेहनत: अभ्यास में निरंतरता, दैनिक पुनरावलोकन, परीक्षा श्रृंखला
- समग्र तैयारी रणनीति के लिए दोनों को मिलाएं
अंतिम समय की तैयारियों के लिए सुझाव
- कुछ भी नया सीखने से बचें
- पूर्ण अवधि के मॉक टेस्ट और रिवीजन पर ध्यान केंद्रित करें।
- नींद, पानी की कमी न होने और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
- अपना एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, पेन और अन्य दस्तावेज तैयार रखें।
प्रेरित कैसे रहें
- अल्पकालिक लक्ष्य निर्धारित करें (उदाहरण के लिए, प्रति सप्ताह 3 मॉक टेस्ट)
- लक्ष्य हासिल करने के बाद खुद को पुरस्कृत करें।
- सफलता की कल्पना करें—किसी सरकारी बैंक में नौकरी पाना, स्थिर करियर, उपलब्धि पर गर्व।
जब आप फंसा हुआ या थका हुआ महसूस करते हैं
- एक दिन का ब्रेक लें, लेकिन योजना बनाकर वापस आएं।
- अपने सलाहकारों या साथियों से बात करें—टेलीग्राम समूहों या मंचों में शामिल हों
- इस परीक्षा को देने के अपने उद्देश्य पर फिर से विचार करें।

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